18 जब सिमौन देखी कि प्रेरितन के हात धरन से पवित्र आत्मा दौ जाथै, तौ पतरस और यूहन्ना कै पैसन की घूस देन की कोसिस करी, 19 और कही, "जहे अधिकार मोकै भी देबौ, कि जो कोई के ऊपर मैं हात धरौं, तौ बौ पवित्र आत्मा पाबै।"
20 लेकिन पतरस बाकै जबाब दई, "तेरे पैसा तेरे संग नरक मैं जामैं, जौ सोचन के ताहीं कि तैं पैसन से परमेस्वर को वरदान मोल लै सकथै! 21 जौ काम मैं ना तेरो कोई हिस्सा है और ना बाँट है, काहैकि तेरो मन परमेस्वर कि नजर मैं सई ना है। 22 पस्चाताप कर, फिर, अपनी जौ योजना ताहीं प्रभु से प्रार्थना कर कि बौ तोकै जौ तरहन की बात मन मैं सोचन के ताहीं माफ कर देबै। 23 काहैकि मैं देखरौ हौं कि तुम कटु ईर्सा से भरो भौ है और अधर्म को कैदी है।"
24 तौ सिमौन पतरस और यूहन्ना से कही, "किरपा करकै मेरे ताहीं प्रभु से प्रार्थना करौ, ताकी तुमरे जरिये कही गई जे बातन मैं से कोई भी मेरे ताहीं ना होबै।"