13 अगर कोई किसी के खिलाप है तौ कोई बजह होबै, तौ एक दुसरे कै सहन कर लेबौ, और एक दुसरे के अपराध कै माफ करौ: जैसे प्रभु तुमरे अपराध कै माफ करी, बैसिये तुम्हऊँ करौ। 14 जे सब गुड़न के ऊपर प्रेम कै जो सिद्धता की कमरबंद है भाँद लेबौ।
13 अगर कोई किसी के खिलाप है तौ कोई बजह होबै, तौ एक दुसरे कै सहन कर लेबौ, और एक दुसरे के अपराध कै माफ करौ: जैसे प्रभु तुमरे अपराध कै माफ करी, बैसिये तुम्हऊँ करौ। 14 जे सब गुड़न के ऊपर प्रेम कै जो सिद्धता की कमरबंद है भाँद लेबौ।