20 अब, जो ऐसो सामर्थी है जो की सक्ति हमरे भीतर इत्तो जाधे काम कर सकथै, जित्तो हम कहु भी सोच तक नाय सकथैं:
20 अब, जो ऐसो सामर्थी है जो की सक्ति हमरे भीतर इत्तो जाधे काम कर सकथै, जित्तो हम कहु भी सोच तक नाय सकथैं: