सरीर की एकता
1 मैं जो प्रभु मैं कैदी हौं तुमसे नहोरे करथौं, काहैकि मैं प्रभु की सेवा करथौं: कि जो बुलाहट से तुम बुलाए गै रहो, बहे के योग्य चाल चलौ। 2 4:2 कुलुस्सियों 3:12हमेसा विनम्र, कोमल और धीर धरन बारे बनौ। एक दुसरे के संग सब कुछ सहत भै अपने प्रेम कै जताबौ।