15 जाके बजाय, प्यार की आत्मा मैं सच बोलकै, हमकै हर तरह से मसीह के ताहीं बढ़नो चाहिए, जो मुड़िया है।
22 जहे बजह से अपने पुराने चाल-चलन से छुटकै, जो तुमकै बौ तरीका से जिंदो करी जैसे कि तुम बौ पुराने चाल-चलन मैं चलत रहौ जो अपने धोकेबाज इच्छन से खतम होत रहै। 23 और अपने मन और दिमाक कै पूरे तरीका से नया बनाबौ, 24 और नये इंसानियत कै पहन लेबौ, जो परमेस्वर के ही तराहनी सच्ची धार्मिकता और सई जिंदगी मैं खुदकै दिखाथै जो इमानदार और पवित्र है।
25 जौ बजह से झूठ बोलनो छोड़कै सब अपने परोसिन से सच्ची बोलौ, काहैकि हम आपस मैं एक दुसरे के अंग हैं। 26 अगर तुम गुस्सा हुई जाथौ, तौ अपने गुस्सा मैं आयकै पाप मत करौ, दिन मुदन तक तुमरे गुस्सा न रहबै। 29 कोई गंदे बोल तुमरे मोहों से ना निकरैं लेकिन भलाई की बात निकरै, पर सिरफ अनुग्रह की बढ़ोतरी के हिसाब से बहे बोल निकरै जो तुमरे सुनन बारे को भलो कर सकै, जोसे तुमरे सुनन बारेन कै फायदा होबै। 32 4:32 कुलुस्सियों 3:13जाके अलावा एक दुसरे के ताहीं दया करन बारे और कोमल मन के रहबौ, और एक दुसरे कै माफ कर दियौ, काहैकि परमेस्वर तुमकै मसीह के जरिये माफ करी है।