4 प्रभु मैं हमेसा खुस रहबौ; मैं फिर से कहथौं, खुस रहबौ।
6 कछु चीज की चिंता मत करौ, तुमरे हर प्रार्थना मैं जो चाहिए बौ धन्यवाद के संग परमेस्वर से माँगौ। 7 तौ परमेस्वर की सांति, जो इंसानन की समझ से परे है, ईसु मसीह मैं एक होन के बजह से तुमरे दिल और दिमाक कै ठीक रखैगो।
8 आखरी मैं, मेरे भईय्यौ, अपने दिमाक कै बे चीजन से भरौ, जो धार्मिक हैं, अच्छी हैं और जो बड़ाँईं के काबिल है: ऐसी चीजैं जो सच्ची, महान, सई, सुद्ध, प्यारी और आदर के काबिल हैं।