एक सुसमाचार
6 मोकै अचम्मो होथै! कि जो तुमकै मसीह के अनुग्रह मैं बुलबाई बासे तुम इत्ती जल्दी लौटकै औरौ दुसरे तरहान के सुसमाचार के घाँईं झुकन लागे। 7 बास्तव मैं, "दुसरो सुसमाचार" हईये नाय, लेकिन बात जौ है कि कित्ते ऐसे हैं जो तुमकै घबड़बाए देते, और मसीह को सुसमाचार कै बदलनो चाहथैं। 8 लेकिन अगर हममैं से या स्वर्ग से कोई दूत भी बौ सुसमाचार कै छोड़ जो हम तुमकै सुनाए हैं, कोई और तुमकै सुनाथै तौ स्रापित होबै। 9 जैसे हम पहलिये कह चुके हैं, बैसिये मैं अब दोहराए कै कहथौं: कि बौ सुसमाचार कै जोकै तुम अपनाय हौ अगर कोई दुसरो सुसमाचार सुनाथै, तौ स्रापित होबै!