आत्मा और मानव स्वभाव
16 मैं कहथौ आत्मा के जरिया चलौ, तौ तुम अपनी सरीर की इच्छा कै पूरी नाय करैगे। 17 हमरो सारीरिक स्वभाव जो चाहथै, बाके उल्टा आत्मा जो चाहथै, और जो आत्मा चाहथै, बाको बौ बिरोध करथै जो हमरो मानव स्वभाव चाहथै। जे दोनों दुस्मन हैं, और जाको मतलब है कि तुम बौ नाय कर सकथौ जौ तुम करनो चाहथौ।