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गलातियों 5:16,22,23,25

आत्मा और मानव स्वभाव

16 मैं कहथौ आत्मा के जरिया चलौ, तौ तुम अपनी सरीर की इच्छा कै पूरी नाय करैगे।

22 पर आत्मा को फल प्रेम, खुसी, सांति, धीरज, दया, भलाई, बिस्वास, 23 नमरता और संयम है; ऐसे-ऐसे कामन के खिलाप मैं कोईये नियम नाय है। 25 आत्मा हमकै जिंदगी दई है, बौ भी हमरी जिंदगी कै वस मैं करनो चाहिए।

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