परमेस्वर के लोगन ताहीं आराम
7 जहेमारे जैसो पवित्र आत्मा कहथै,
"अगर आज तुम बाकी अबाज सुनौ,
8 तौ अपने मन कै कठोर मत करौ,
जैसो कि तुमरे बड़े-बूढ़े परमेस्वर से बलवा करन के समय करीं रहैं,
जैसी जब बौ दिन बे बन मैं रहैं, जब बे बाकी परिक्छा लईं।
9 परमेस्वर कहथै जितै बे मोकै जाँची और परखीं
और चालीस साल ले मेरे काम देखीं।
10 जहे के मारे मैं बे लोगन से गुस्सा रहौं,
और कहो, ‘इनके मन हमेसा भटकत रहथैं,
और जे मेरे रहा और मेरी आग्या कै नाय मानीं।’
11 तौ मैं गुस्सा मैं आए कै कसम खाओ,
‘बे बौ जघा मैं कहु ना पौहौंच पांगे, जितै मैं उनकै आराम दौ।’"
12 हे भईय्यौ, चहाचीते रहबौ, कि तुम मैं ऐसो बुरो और अविस्वासी मन न होबै, जो जिंदे परमेस्वर से दूर हुई जाबौ। 13 बल्कि पवित्र सास्त्र मैं जो दिन आज को दिन कहो जाथै, हर दिन एक दूसरे के समझानो चाहिए, ऐसो नाय होबै, कि तुम मैं से कोई आदमी पाप के धोका मैं आए कै कठोर हुई जाबै। 14 काहैकि हम मसीह के भागीदार भै हैं, अगर हम अपने पहले बिस्वास मैं आखरी ले मजबूती से टिके रहमैं।
15 जैसो सास्त्र कहथै,
"अगर आज तुम परमेस्वर की अबाज सुनौ,
तौ अपने मन कै कठोर मत करौ, जैसो कि तुमरे पुरखा परमेस्वर से बलवा करन के समय करीं रहैं।"
16 बे लोग कौन रहैं जो परमेस्वर की अबाज सुनीं और बाके विरुद्ध बलवा करीं? का बे सब नाय जो मूसा के जरिया मिस्र से निकरे रहैं। 17 और बौ चालीस साल तक कौन लोगन से गुस्सा रहो? का उन्हईं से नाय, जो पाप करीं, और उनके सरीर बन मैं पड़े रहे? 18 और बौ कौन से कसम खाई, कि तुम मेरे आराम मैं नाय घुस पागे: खाली उनसे जो-जो आग्या न मानी? 19 जौ तरह हम देखथैं, कि बे अविस्वास के बजह से बौ देस मैं घुस नाय सकै।