35 ईसु उनसे कही, "जिंदगी की रोटी मैं हौं, जो मेरे झोने आथै बौ कहुए भूंको नाय होगो, और जो मेरे ऊपर बिस्वास करथै बौ कहुए प्यासो ना होगो।
51 जिंदगी की रोटी जो स्वर्ग से उतरी बौ मैं हौं। अगर कोई जौ रोटी मैं से खाबैगो, तौ हमेसा के ताहीं जिंदो रहबैगो; और जो रोटी मैं जौ दुनिया की जिंदगी के ताहीं देंगो, बौ मेरो सरीर है।"
53 ईसु उनसे कही, "मैं तुमसे सच-सच कहथौं जब तक आदमी के लौड़ा को सरीर नाय खागे, और बाको खून नाय पीगे, तुम मैं जिंदगी नाय है।
63 आत्मा तौ जिंदगी देन बारो है, सरीर से कछु फायदा नाय है। जो बातैं मैं तुमसे कहो हौं बे आत्मा हैं, और जिंदगीयो हैं।