44 कोई मेरे झोने ना आए सकथै जबले दऊवा, जो मोकै पनारी है, बाकै खींच नाय लेबै; और मैं बाकै आखरी दिन फिर से जिंदो कर देंगो।
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44 कोई मेरे झोने ना आए सकथै जबले दऊवा, जो मोकै पनारी है, बाकै खींच नाय लेबै; और मैं बाकै आखरी दिन फिर से जिंदो कर देंगो।