6 पर ईसु जौ बात फिलिप्पुस कै परखन ताहीं कही रहै; काहैकि बौ जानत रहै कि बौ का करैगो।
7 फिर फिलिप्पुस ईसु कै जबाब दई, "दुई सौ चाँदी के सिक्कन6:7 एक चाँदी को सिक्का मतलब एक दिन की दिहाड़ी की रोटिनौ से उनको पूरा नाय पड़ैगो एसियौ ना कि एक-एक जनी कै थोड़ी-थोड़ी मिल जाबै।" 8 बाके चेलन मैं से सिमौन पतरस को भईय्या अन्द्रियास ईसु से कही, 9 "हिंयाँ एक लौड़ा है, बाके झोने जई की पाँच रोटी और दुई मच्छी हैं, पर बासे इत्ते जनी ताहीं का होगो।"
10 ईसु कही, "सब जनी कै बैठार देयौं।" बौ जघा मैं गजब घाँस रहै। तौ बे सब जनी जो करीबन पाँच हजार रहैं, बैठगै। 11 तौ ईसु रोटी कै लई, और परमेस्वर कै धन्यवाद करकै बैठन बारेन कै बाँट दई; और बैसिये मच्छी मैं से जित्ती बे चहात रहैं बाँट दईं। 12 जब बे खाएकै छक गै, तौ बौ अपने चेलन से कही, "बचे भै टुकड़ा बटोर लेबौ, ताकी कछु फेंको ना जाबै।" 13 तौ बे बटोरीं, और जई की पाँच रोटिन के टुकड़ा जो खान बारेन से बच गईं रहैं, उनकी बारह छपरिया भरीं।