ईसु जनम के अंधरा कै अच्छो करी
1 फिर ईसु जात भौ एक आदमी कै देखी, जो जनम से अंधरा रहै। 2 और ईसु के चेला बासे पूँछीं, "गुरुजी, कौन पाप करो होगो, कि जौ अंधरा पैदा भौ, जौ आदमी करी होगो, या फिर जाके अईय्या दऊवा?"
3 ईसु जबाब दई, "ना तौ जौ पाप करी रहै, और ना जाके अईय्या दऊवा करीं, बौ जहे ताहीं कि जाके जरिये से परमेस्वर को चमत्कार दिखाई देबै। 4 जो मोकै पनारी है; बाके काम कै दिनै-दिन करनो जरूरी है, काहैकि जब रात हुई जाबैगी, तौ कोई काम नाय हुई सकैगो। 5 जबले मैं जौ दुनिया मैं हौं, तौले मैं जौ दुनिया को उजियारो हौं।"9:5 यूहन्ना 8:12
6 ऐसे कहकै ईसु धरती मैं थूकी और बौ थूक से मट्टी कै माड़ दई, और बहे मट्टी बौ अंधरा की आँखी मैं लेप लगाएकै। 7 बासे कही, "जा सिलोह के डबरा मैं धोए आ, सीलोह को मतलब पनारो भौ" और फिर बौ अंधरा जाएकै धोई, और जब बौ लौटकै आओ तौ बाकै दिखाई देत रहै।