एक अच्छे सामरी की कहानी
25 फिर एक कानून को सिक्छक ईसु कै फसान की कोसिस करी; और कही, "गुरुजी, मोकै अनंत जिंदगी पान के ताहीं का करने पड़ैगो?"
29 लेकिन कानून को सिक्छक खुदकै सई ठहरानो चहात रहै, इसलै बौ ईसु से पूँछी, "मेरो पड़ोसी कौन है?"
36 अब तेरी समझ मैं जो डाकुन मैं घिर गौ रहै, जे तीनौ मैं से बाको पड़ोसी कौन है?"
37 कानून को सिक्छक जबाब दई, "बहे जो बाके ऊपर दया तरस खाई रहै।" ईसु फिर बासे कही, "तैं जा, तहूँ ऐसोई कर।"