33 पर एक सामरी बौ रहा से सफर करत रहै, बौ बाके झोने आओ जो अधमरा पड़ो रहै, बौ बाकै देखी, तौ बाको दिल दया से भरगौ। 34 बौ बाके झोने गौ, और बाके घाव मैं जैतून तेल और दाखरस डारकै पट्टी भाँदी; फिर बौ अधमरा आदमी कै अपने जानवर मैं चढ़ायकै सराय मैं लैगौ, और बाकी सेवा संती करी। 35 दुसरे रोज बौ दुई चाँदी के सिक्का निकारकै सराय के मालिक कै दै दई, और कही, ‘जाकी सेवा संती करिये, और जो कछु तेरो और लगैगो, बौ मैं लौटन पोती तोकै दै दुंगो।’
36 अब तेरी समझ मैं जो डाकुन मैं घिर गौ रहै, जे तीनौ मैं से बाको पड़ोसी कौन है?"
37 कानून को सिक्छक जबाब दई, "बहे जो बाके ऊपर दया तरस खाई रहै।" ईसु फिर बासे कही, "तैं जा, तहूँ ऐसोई कर।"