ईसु मार्था और मरियम से मिलो
38 जब ईसु और बाके चेला अपने रहा जात रहैं, तौ बौ एक गाँव मैं आओ, जहाँ मार्था नाओं की एक बईय्यर अपने घरै बाको स्वागत करी। 39 बाकी एक बहेनिया रहै, जोको नाओं मरियम रहै, बौ प्रभु के पाँव मैं बैठकै बाकी सिक्छा कै सुनत रहै। 40 पर मार्था सेवा करत-करत तंग हुई गई और बाके झोने आयकै कहेन लगी, "प्रभु, का तोकै कछु चिंता ना है कि मेरी बहेनिया मोकै सेवकाई करन के ताहीं इकल्ली छोड़ दई है? इसलै बासे कह, कि मेरी मदत करै!"
41 प्रभु बाकै जबाब दई, "मार्था, मार्था! तैं भौत बातन की चिंता करथै और परेसान है, 42 लेकिन एक बात जरूर है; मरियम अच्छी चीज चुनी है, जो बासे छीनो ना जागो।"