ईसु एक बिमार आदमी कै अच्छो करी
1 ईसु एक साबत के रोज फरीसियन के अधिकारी मैं से कोई के घरै खानु खान गौ: और लोग ईसु कै झोने से देखत रहैं। 2 एक आदमी जोके पाँव और हाथ सूज गै रहैं, ईसु के झोने आओ, 3 और ईसु कानून और फरीसियन के सिक्छकन से बात करी और पूँछी, "का हमरे नियम के हिसाब से साबत के रोज अच्छो करन कि इजाजत है या ना है?"
4 लेकिन बे एक बार कछु न कहीं; ईसु बौ आदमी कै हाथ लगाएकै अच्छो करी, और बाकै बिदा करी।