25 "इतने मैं बाको जेठो लौड़ा खेत मैं रहे। और जब बौ आत भै घर के झोने पहोंचो, तौ बौ गान-बजान और नाचन की अबाज सुनी। 26 तौ बौ एक सेवक कै बुलबाए कै पूँछीं, ‘कि जौ का ही रहो है?’ 27 नौकर जबाब दई, ‘तेरो भईय्या घरै बापस आए गौ है,’ और ‘तेरो दऊवा इनामी बछड़ा कै मार डारी है, काहैकि बौ बाकै सुरक्छित और स्वस्थ पाई है।’ 28 बौ बड़ा गुस्सा से भरगौ और घर के भीतर नाय जानो चाही: पर बाको दऊवा दुआरे आयकै बासे नहोरे करी, की बौ भीतर आबै। 29 पर बौ दऊवा कै जबाब दई, ‘देख; मैं इतने साल से तेरी सेवा कर रहो हौं, और कभी भी तेरो आग्या नाय टालो, फिर तू मोकै आज तक एक बकरिया को बच्चा तक नाय दौ, कि मैं अपने दोस्तनौ के संग खुसी मनामौ! 30 पर जब जौ तेरो बेटा, जो वैसियन मैं अपनी सम्पत्ति उड़ाए दई है, आओ, तौ बाके ताहीं बछड़ा मारकै बड़ो भोज बनबाओ!’ 31 दऊवा बासे कही, ‘बेटा, तू हमेसा मेरे संग है; और जो कछु मेरो है बौ सब तेरो ही है। 32 पर अब खुसी मनानो और खुस रहनो चाहिए काहैकि जौ तेरो भईय्या मर गौ रहे फिर जिंदी हुई गौ है; हराए गौ रहे, अब मिलगौ है।’"
Publicidade