28 और जैसो लूत के दिनन मैं भौ रहै, कि लोग खाते-पीते, खरीदते-बेंचते, काम करते और घर बनाते। 29 लेकिन जो दिन लूत सदोम देस से निकरो, बौ दिन आगी और गंधक आसमान से बरसी और सबकै नास कर दई। 30 इंसान के लौड़ा के आन के दिनन मैं ऐसेई होगो।
31 "बौ दिन जो कोई छत मैं होबै और बाको हानी घर के भीतर होबै, बौ बाकै लेन ताहीं तरे नाय उतरै, और बैसिये जो खेत मैं होमैं बे घरै ना लौटैं। 32 लूत की बईय्यर कै याद करौ! 33 जो कोई अपनी ज्यान बचानो चाहगो बौ बाकै खोबैगो; लेकिन जो कोई जिंदगी खोबैगो बौ बाकै बचागो।