31 "सिमौन, सिमौन! बात सुन! सैतान तुम सबन कि परिक्छा लेन की, अच्छाई कै बुराई से अलग करन के ताहीं इजाजत लै लई है, जैसे एक किसान गेंहूँ कै भूसा से अलग करथै। 32 लेकिन हे सिमौन, मैं तेरे ताहीं प्रार्थना करो हौं, कि तेरो बिस्वास कम ना होबै। और जब तैं मेरे पास लौटेगो, तौ तोकै अपने भईय्यन कै मजबूत करने होगो।"
33 पतरस जबाब दई, "प्रभु, मैं तेरे संग कैदखाना जान और तेरे संग मरन के ताहीं तैयार हौं!"
34 ईसु कही, "मैं तोसे कहथौं, पतरस, जब तक तैं तीन बार ना कहगो कि तैं मोकै ना जानथै, तौले मुर्गा आज रात ना बासैगो।"
54 बे ईसु कै गिरफ्तार करीं और बाकै बड़े पुजारी के घर मैं लैगै; और पतरस थोड़ी दूर हुईकै पीछा करी। 55 और जब बे आँगन के बीच मैं आगी सुलगाए कै बैठै, तौ पतरस बे लोगन बीच मैं बैठगौ, जो गोल घेरा बनाएकै बैठै रहैं। 56 जब एक सेविका बाकै हुँआँ आगी के किनारे बैठो देखी, तौ बौ सीधे बाके घाँईं देखकै कही, "जौ आदमी भी ईसु के संग रहै!"
57 लेकिन पतरस जौ कहकै इंकार कर दई, "बईय्यर, मैं बाकै ना जानथौं!"
58 थोड़ी देर बाद एक आदमी और पतरस कै देखकै कही, "तहूँ तौ उन्हईं मैं से एक है!" लेकिन पतरस जबाब दई, "हे इंसान, मैं ना हौं!"
59 और लमसम एक घंटा बाद एक दुसरो आदमी जोर दैकै कही, "जामैं कोई सच ना है कि जौ आदमी ईसु के संग रहै, काहैकि जहो एक गलीली है!"
60 लेकिन पतरस जबाब दई, "हे इंसान, मोकै पता ना है कि तुम कौनके बारे मैं बात कर रै हौ!" जब बौ कहतै रहै कि तुरंत मुर्गा बास दई। 61 प्रभु ईसु घूमकै सीधे पतरस घाँईं देखी, और पतरस कै याद आओ कि प्रभु बासे कही रहै, "आज रात मुर्गा बासन से पहले, तैं तीन बार कहगो कि तैं मोकै ना जानथै।"