13 पिलातुस बड़े पुजारी, अधिकारी और लोगन कै एक संग बुलाई, 14 और बौ कही, "तुम जौ आदमी कै मेरे झोने लैकै आए और कहे कि जौ लोगन कै भरमाए रौ है। अब, मैं तेरे सामने बाकी परिक्छा करो हौं, और जो अपराध तैं बाके ऊपर करो है, बे बातन के बारे मैं मैं बामै कोई दोस नाय पाओ हौं। 15 और न तौ हेरोद जाकै दोसी पाई, काहैकि बौ जाकै हमरे झोने बापस पनार दई है। जौ आदमी मौत के लायक कुछ न करी है। 16 इसलै मैं जाकै कोड़ा मरवाएकै जान दुंगो।"
17 पिलातुस त्योहार के समय उनके ताहीं एक बंधी कै छोड़न ताहीं बेबस रहै।
18 तौ पूरी भीड़ चिल्लाए उठी, "जाकै मार डारौ! और हमरे ताहीं बरअब्बा कै आजाद कर दे।" 19 सहर मैं होन बारे दंगा के ताहीं और खून करन मैं बरअब्बा कै कैदखाना मैं डार दौ गौ रहै।
20 पर पिलातुस ईसु कै छोड़नो चहात रहै, इसलै बौ भीड़ कै फिर से समझाई। 21 लेकिन बे चिल्लाईं, "बाकै क्रूस मैं चढ़ाबौ! बाकै क्रूस मैं चढ़ाओ!"
22 पिलातुस तिसरी बार उनसे कही, "लेकिन बौ का गुनाह करी है? मोकै ऐसो कछु नाय मिलो जोसे बौ मौत के लायक होबै! इसलै मैं बाकै कोड़ा मरवाएकै छोड़ देथौं।"
23 लेकिन बे अपनी अबाज मैं जोड़न से चिल्लात रहे कि ईसु कै क्रूस मैं चढ़ाओ जानो चाहिए, और आखिरकार उनको चिल्लानो कामयाब हुई गौ। 24 जौ बजह से पिलातुस ईसु कै सजा को फैसला दई जो बे अधिकार से मांगत रहैं। 25 पिलातुस बौ आदमी कै छोड़ दई, जो दंगा और हत्या के आरोप मैं कैदखाना मैं डार दौ गौ रहै, और ईसु कै उनकी इच्छा के हिसाब से सौंप दई।
ईसु कै क्रूस मैं चढ़ाओ गौ
(मत्ती 27:32; मरकुस 15:21-32; यूहन्ना 19:17-27)