25 तौ ईसु उनसे कही, "तुम कितने मूर्ख हौ, भविस्यवक्ता कि हर बात के ऊपर मन मैं बिस्वास करन मैं कितने धीमे हौ! 26 का मसीहा के ताहीं जौ जरूरी नाय रहै कि बौ जे दुखन कै उठाबै और अपनी महिमा मैं आबै?" 27 और ईसु मूसा कि किताब से लैकै सब भविस्यवक्ता जो बाके बारे मैं सास्त्र मैं लिखी रहैं उनकै समझाई।
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