दुसरेन को न्याय
37 "दुसरेन को न्याय मत करौ, और परमेस्वर तुमरो न्याय ना करैगो; दुसरेन की बुराई मत करौ, और परमेस्वर तुमरी बुराई ना करैगो; दुसरेन कै माफ करौ, और परमेस्वर तुमकै माफ करैगो। 38 दुसरेन कै दे करौ, और परमेस्वर तुमकै देगो; सई मैं, तुमकै एक पूरो तरीका मिलैगो, खूब एक मदत, तुमरे हाथ मैं दई जागी, जो तुम पकड़ सकथौ; दुसरेन ताहीं तुमरे जरिये इस्तमाल करो जान बारो तरीका बौ है जो परमेस्वर तुमरे ताहीं इस्तमाल करैगो।"