43 बहे भीड़ मैं एक बईय्यर रहै जोकै बारह साल से खून बहन कि बिमारी रहै, पूरी जिंदगी की जमा पूँजी इलाज मैं खर्च कर चुकी रहै तहुँओं बौ अच्छी होन मैं कामयाब ना भइ। 44 बौ ईसु के पच्छू से आई और बाके कोट के लत्ता के छोर के कुंछ कै छुइ लई, और तुरंत बाको खून बहनो बंद ही गौ। 45 ईसु पूँछी, "मोकै कौन छुओ?" सब जनी मना करीं, फिर पतरस कही, "गुरुजी, लोग सब घाँईं से चढ़े जाए रै हैं और तेरे ऊपर गिरे जाए रै हैं।"
46 लेकिन ईसु कही, "कोई मोकै छुओ है, काहैकि मैं जानगौ रहौं कि मेरे मैं से सामर्थ्य निकरी है।" 47 बईय्यर देखी कि ईसु कै पता चल गौ है, तौ बौ काँपत भइ आई, और ईसु के पाँव मैं गिरकै सब जनी के सामने बताई, कि मैं कौन से बजह से ईसु कै छुओ रहों, और कैसे तुरंत एकै बार मैं ठीक ही गौ। 48 ईसु बासे कही, "मेरी लौड़िया, तेरो बिस्वास तोकै अच्छो करी है, सांति से चली जा।"