27 ईसु और बाके चेला फिरौंकी यरूसलेम मैं आए, और जब बे मंदिर मैं फिरत रहैं तौ मुखिया पुजारी और यहूदि नियम के सिक्छक और बड़े-बूढ़े बाके झोने आए कै पूँछन लगे, 28 "तू जे काम कौन्छे अधिकार से करथै? और जौ अधिकार तोकै कौन दौ है?"
29 ईसु उनसे कही, "महुँ तुमसे एक बात पूँछ थौं; मोकै जबाब देयौं तौ मैं तुमकै बतांगो कि जौ काम कौन्छे अधिकार से करथौं। 30 यूहन्ना को बपतिस्मा का स्वर्ग से रहै की आदमियन के घाँईं से रहै मोकै बताबौ?"
31 तौ बे आपस मैं बातचीत करन लागे अगर हम कहमैं: "स्वर्ग की घाँईं से" तौ बौ कहगो, "तुम बाके ऊपर बिस्वास काहेकै नाय करे? 32 और अगर हम कहमैं, ‘आदमियन की घाँईं से, तौ उनकै लोगन को डर रहै, काहैकि सब जानत रहैं कि यूहन्ना सच मैं भविस्यवाँड़ी करन बारो रहै।’"
33 और बे ईसु कै जबाब दईं, "हम नाय जानथैं।" ईसु उनसे कही, "महुँ तुमकै नाय बतांगो की जौ काम कौन के अधिकार से करथौं।"