मंदिर उजड़न की बात
1 जब ईसु से मंदिर से निकरत रहै, तौ बाके चेलन मैं से एक बासे कही, "ए गुरु, देख कैसे बड़े-बड़े पथरा और इमारत हैं!"
2 तौ ईसु बासे कही, "का बड़ी-बड़ी इमारत देखथौ: हींना पर एकौ पथरा नाय बचैगो जो गिराओ नाय जागो।"
3 ईसु मंदिर के अग्गु जैतून पहाड़ मैं बैठो रहै, तौ पतरस, याकूब, यूहन्ना और अन्द्रियास इकल्ले मैं बाके झोने आए। 4 बासे पूँछी, "हमकै बता जे बात कब होंगी? और जे जब सब बात पूरी होन बारी होंगी बौ समय को का चिन्ह होगो?"