31 दुनिया और आसमान मिट जागो, लेकिन मेरी बात कहुए नाय मिटंगी।" दिन और घड़ी कोई ना जानथै(मत्ती 24:36-44)
31 दुनिया और आसमान मिट जागो, लेकिन मेरी बात कहुए नाय मिटंगी।" दिन और घड़ी कोई ना जानथै(मत्ती 24:36-44)