12 अखमीरी रोटी त्योहार के पहले दिन, जामैं बे फसह त्योहार कै डंगर को यानी भेंड़ के बच्चा कै मारत रहैं, तौ ईसु के चेला बासे पूँछी, "तू कितै जानो चाहथै कि हम तेरे ताहीं फसह खानु को बंदोबस्त करैं?"
13 ईसु अपने दुई चेलन कै जौ कहकै पनारी: "गाँव मैं जाबौ, और एक आदमी तुमकै पानी से भरो घल्ला उठात भै मिलैगो। तौ बाके पच्छू जात रहियो 14 और बौ जो घर मैं जाबै, बौ घर के मालिक से कहियो: ‘गुरु कही है, कि अलग से बैठन की जघा कहाँ है?’ जोमैं मैं अपने चेलन के संग फसह को खानु खाए सकौं। 15 बौ तुमकै एक सजी सजाई, और सब बंदोबस्त करी भइ ऊपर की एक कुठरिया बताए देगो, बामै हम सबन के ताहीं फसह के खानु की तैयारी करियो।"
16 बाके कहेन के मुताबिक चेला नगर मैं आए, और जैसो ईसु कही रहै, बैसोई पाईं; और बौ जघा मैं फसह तैयार करीं।