34 और बौ उनसे कहेन लागो, "मेरो मन बड़ा बेचैन है, हींना तक की मेरी जान निकरन कै है। तुम हीनैं रुकियो और चौकन्ने रहियो।"
35 फिर बौ जरा अग्गु बढ़ो और हूँनै घुपटियाय कै जमीन मैं प्रार्थना करन लागो, कि हुई सकै तौ जौ दुख मेरे ऊपर से हट जाबै। 36 और ऐसे कहेन लागो, "हे परमपिता तोसे तौ सबै कछु हुई सकथै, जौ कटोरा मेरे अग्गु से हटाय दे। तहुँओं जैसो मैं चाहथौं बौ नाय लेकिन जो तू चाहथै बहे होबै।"