नासरत गाओं मैं ईसु कै ठुकरानो
1 फिरौंकी ईसु बौ जघा कै छोड़कै अपने सहर कै चल पड़ो, बाके चेलौ बाके संग रहैं। 2 साबत के दिन सभाघर मैं उपदेस देन लगो, और भौत से आदमी सुनकै चोहोंक गै और कहेन लगे, "जाकै इत्ती बढ़िया-बढ़िया बात कितै से आए गईं?" जाकै इतनी अकल कहाँ से आए गई? जौ इतने सामर्थ्य के काम कैसे करकै करो? 3 का जौ बहे बढ़ईया ना है, जो मरियम को लौड़ा, और याकूब, योसेस, यहूदा और सिमौन को भईय्या है? का बाकी बहेनिया आपनैं संग गाओं मैं नाय रहथैं? बे ईसु कै अपनाईये ना पामैं।
4 फिर ईसु उनसे कही, "भविस्यवक्ता कै अपने घर, गाओं-सहर, और अपने हितुआ, और कुरमन कै छोड़कै और कहुए अनादर ना होथै।"
5 ईसु हुँआँ जाधे सामर्थ्य के काम करिये ना पाई, कतई जराएक आदमिन के ऊपर हात रखकै बिमारिन से अच्छो कर पाई। 6 बौ उनको कतईये बिस्वास नाय देखकै बड़ा अचम्मो भौ। फिर बौ गाओं-गाओं मैं सिक्छा देत भै घूमन लगो।
ईसु अपने बारह चेलन कै भेजथै
(मत्ती 10:5-15; लूका 9:1-6)