31 ईसु उनसे कही, "आबौ आपन एक अलग्याँओं जघा मैं जाएकै थोड़ी देर सैंताए लेमैं।" काहैकि हुँआँ भौत आदमी आन जान लग गै रहै, और उनकै तौ खानौ की संकता ना रहै। 32 तभई के मारे बे नईंयाँ से, अलग्याँओं सुनसान जघा मैं चले गै।
33 बहे समय निरे जनी उनकै जात देख डारीं और जानगै कि जे बेईं हैं, और सब नगरन से जुराए कै नेंगतै-नेंगत ईसु और बाके चेलन से पहलिये पौहौंच गै। 34 ईसु नईंयाँ मैं से उतरिये पाई रहै कि बड़ा जोड़ भीड़ देखी, और बाकै भीड़ ऊपर बड़ा तरस आओ, काहैकि बे उन भेंड़न हानी रहैं, जिनकी देखाभारी करन बारो कोईये ना रहै: फिर बौ उनकै निरी बात सिखान लगो।