3 काहैकि बे फरीसी और यहूदि जाति के लोग रहैं, बे अपने पुरखन की रीत रबईय्या मानकै ही चलत रहैं, बे जबले खूबै अच्छे से हात नाय धोए लेते तौले खानु ना खात रहैं। 4 बजार-घाट से आए कै, बिना हंदाए धोए तौ खानु खातै ना रहैं; औरौ दुसरी परम्परा माने करत रहैं, जैसे कटोरा, लोटा, फूल के बर्तन और खटिया कै माँजनो-धोनो।
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