26 "तौ लोगन से मत डरईयो, काहैकि जो कछु लुको भौ है, बाकै उजागर करो जागो, और सब चीजन को भेद बताओ जागो। 27 मैं अंधियारे मैं जो कुछ कहथौं, बाकै तुम उजीते मैं कहबौ; और जो कानौ कान सुनथौ, बाकै छत के ऊपर से प्रचार करौ। 28 जो सरीर कै मार सकथैं, पर आत्मा कै नाय मार सकथैं, उनसे मत डरौ; पर बहे से डराबौ, जो भीतरी आत्मा और सरीर दोनों कै नरक मैं खतम कर सकथै। 29 का एक पैसा की दुई गौरैया नाय बेंची जाथै? तौभी तुमरे दऊवा की मरजी के बिना उनमैं से एक भी जमीन मैं नाय गिर सकथै। 30 और तुमरे मूड़ के एक बार तक भी सब गिने भै हैं। 31 तभई डराबौ मत; तुम निरे गौरैयन से बढ़कै कीमती हौ।"
मसीह कै अपनानो या ना अपनानो
(लूका 12:8,9)