29 का एक पैसा की दुई गौरैया नाय बेंची जाथै? तौभी तुमरे दऊवा की मरजी के बिना उनमैं से एक भी जमीन मैं नाय गिर सकथै। 30 और तुमरे मूड़ के एक बार तक भी सब गिने भै हैं। 31 तभई डराबौ मत; तुम निरे गौरैयन से बढ़कै कीमती हौ।"
मसीह कै अपनानो या ना अपनानो
(लूका 12:8,9)