42 तभई जगत रहाबौ, काहैकि तुम नाय जानथौ कि तुमरो प्रभु कौनसे दिन आगो। 43 पर जौ जान लियौ कि अगर घर को मालिक जानत होतो कि चुट्टा कित्ते बजे की बेरा आगो, तौ जगत रहातो; और अपने घर मैं चोरी नाय होन देतो। 44 तभई तुम्हऊँ तैयार रैहबौ, काहैकि जो समय के बारे मैं तुम सोचतौ ना हौ, बहे समय इंसान को लौड़ा आए जागो।"
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