दस कुवाँरी बईंय्यरन की कहानी
1 25:1 लूका 12:35 "बौ समय स्वर्ग को राज्य ऐसो होगो। एक बार दस कुवाँरी बईंय्यरैं रहैं, जो अपनी तेल की दिया लैकै दुल्हा से मिलन के ताहीं निकरीं। 2 उनमैं से पाँच बेअकलन और दुसरी पाँच दिमाकदार रहैं। 3 बेअकलन अपनी दिया तौ लईं, पर अपने संग तेल नाय लईं। 4 पर समझदार अपनी दिया के संग अपनी कुप्पियन मैं तेलौ भर लईं। 5 जब दुल्हा कै आन मैं देर हुई गई, तौ बे सब उँघान लगी और सोए गईं।"
6 "आधी रात मैं चहैल-पहैल भइ, कि देखौ, दुल्हा आए रौ है, बासे मिलन कै दुआरे चलौ। 7 बहे समय बे सब कुवाँरी उठकै अपनी दिया ठीक करन लगी। 8 और बेअकलन समझदारन से कहीं, ‘अपने तेल मैं से थोड़ी हमउँ कै दियौ, काहैकि हमरी दिया बुत रईं हैं।’ 9 पर जो समझदार रहैं बे जबाब दईं और कहीं कि हमरे और तुमरे ताहीं पूरा ना होगो; भलो तौ जौ है कि, तुम बेचन बारेन के झोने जाएकै अपने ताहीं मोल लै लियौ। 10 जब बे मोल लेन कै जात रहैं, तौ दुल्हा आए गै, और जो समरी रहैं, बे बाके संग बिहाए कै घरै चली गईं और फाटक बंद कर दौ गौ।"
11 25:11 लूका 13:25 "जाके बाद बे दुसरी कुवाँरीयौ आयकै कहेन लगी, ‘गुरुजी, गुरुजी, हमरे ताहीं फाटक खोल दे।’ 12 बौ जबाब दई, कि मैं तुमसे सच कहथौं, मैं तुमकै नाय जानथौं।"
13 और ईसु तोड़ निकारी, "देखौ, काहैकि तुम ना बौ दिन कै जानथौ, ना बौ समय कै।"
तीन सिक्का की कहानी
(लूका 19:11-27)