14 25:14 लूका 19:11-27 "बौ समय स्वर्ग को राज्य ऐसो होगो। एक बार एक आदमी रहै जो एक सफर के ताहीं घर छोड़न बारो रहै; बौ अपने सेवकन कै मस्काई और उनकै अपनी सम्पत्ति सौंप दई। 15 बौ अपनी सामर्थ्य के हिसाब से सबन कै दई: एक कै बौ पाँच हजार सोने के सिक्का दई, दुसरे कै बौ दुई हजार दई, और तिसरे कै बौ एक हजार दई। फिरौंकी बौ अपने सफर मैं निकर गौ।
20 जोकै पाँच हजार मिले रहैं, बौ पाँच हजार और लायकै कही, ‘मालिक, तैं मोकै पाँच हजार सिक्का सौंपो रहै, देख मैं पाँच हजार सिक्का और कमाओ हौं।’ 21 बाको मालिक बासे कही, ‘धन्य है अच्छो और बिस्वास के काबिल सेवक, तैं थोड़ी मैं बिस्वास के काबिल रहो; मैं तोकै तमान चीजन को हकदार बनांगो। अपने मालिक की खुसी मैं मिल जा।’
22 फिरौंकी जो सेवक कै दुई हजार सिक्का दै गै रहैं, बौ आओ और कही, ‘मालिक तैं मोकै दुई हजार के सिक्का दौ रहै, देख! हींना एक और दुई हजार हैं जोमैं कमाओ हौं।’ 23 बाको मालिक बासे कही, ‘धन्य है अच्छो और बिस्वास के काबिल सेवक, तैं थोड़ी मैं बिस्वास के काबिल रहो, मैं तोकै तमान चीजन को हकदार बनांगो अपने मालिक की खुसी मैं मिल जा।’