30 तौ जब परमेस्वर मैदान की घाँस कै, जो आज है, और कल भट्टी मैं झोंकी जागी, ऐसो लत्ता पहनाथै, तौ ओ कम बिस्वास करन बारे! का बौ तुमकै और भी जाधे ना पहनागो?"
30 तौ जब परमेस्वर मैदान की घाँस कै, जो आज है, और कल भट्टी मैं झोंकी जागी, ऐसो लत्ता पहनाथै, तौ ओ कम बिस्वास करन बारे! का बौ तुमकै और भी जाधे ना पहनागो?"