15 "झूठे भविस्यवक्तन से चहाचीते रहबौ, जो भेंड़ के सकल मैं लत्ता पहने तुमरे झोने आथैं, लेकिन भीतर से फाड़न बारे भेंड़िया हैं। 16 7:16 27:6तुम उनके फलन से उनकै जान जाबैगे। का झाड़ियन से अंगूर तोड़थैं, या चिरचिरा से अंजीर इखट्टो करथैं? 17 ऐसिये हर एक अच्छो पेंड़ अच्छो फल देथै और बुरो पेंड़ बुरो फल देथै। 18 अच्छो रूखा बुरो फल नाय दै सकथै, और ना ही बुरो पेंड़ अच्छो फल लाय सकथै। 19 7:19 मत्ती 3:10; लूका 3:9 और जो पेंड़ अच्छो फल ना देथै, बौ काटो और आगी मैं डारो जागो। 20 7:20 मत्ती 12:33तभई तुम उनके कामन के परीड़ामो के जरिया बे भविस्यवक्तन कै पहचानैगे।"
मैं तोकै नाय जानथौं
(लूका 13:25-27)
21 "हर कोई जो मोकै, ‘प्रभु, प्रभु’ कहथै, स्वर्ग के राज्य मैं ना जाए सकैगो, लेकिन सिरफ बेईं जो मेरे परम दऊवा स्वर्ग मैं है, बाकी इच्छा मैं चलथैं। 22 जब न्याय को दिन आगो, तौ निरे मोसे कहंगे, ‘प्रभु, प्रभु! तुमरे नाओं से हम भविस्यवाँड़ी करे, तेरे नाओं से हम निरे प्रेत आत्मा कै निकारे और कित्ते अचम्मे काम करे!’ 23 7:23 भजन संहिता 6:8 तौ ‘मैं उनसे खुलकै कहेंगो, देखौ मैं तुमकै कभी नाय जानो। अरे अधर्मियौ मोसे दूर हुई जाबौ!’"
मूर्ख और बुद्धिमान घर बनान बारे दुई मिस्त्री
(लूका 6:47-49)