रोमन सेनापति को बिस्वास
5 जब ईसु कफरनहूम मैं आओ, तौ एक रोमन सेनापति बासे मिलो और मदत के ताहीं नहोरे करी: 6 "प्रभु, मेरो एक सेवक घर मैं बिमार पड़ो है, बाकै फालिस मार गौ है, बाकै भौत पीड़ा हुई रइ है।" 7 "तब ईसु सेनापति से कही मैं आयकै बाकै अच्छो करंगो" 8 अधिकारी जबाब दई "अरे नाय, प्रभु, मैं जाके लायक ना हौं कि तू मेरे घर के छत तरे आबै, लेकिन तू सिरफ बचन दैदे बस मेरो सेवक ठीक हुई जागो। 9 काहैकि महुँ दुसरेन के अधिकार मैं रहन बारो एक आदमी हौं, और सैनिक मेरे हात मैं हैं, और जब एक से कहथौं, ‘जा!’ तौ बौ जाथै; और दुसरे से कहथौं कि ‘आ!’ तौ बौ आथै; और अपने सेवक से कहथौं, कि जौ कर, तौ बौ करथै।" 10 जब ईसु जौ सुनी तौ बौ चकित हुई गौ, और जो बाके पच्छू आत रहैं उनसे कही, "मैं तुमसे सच कहथौं, कि मैं इस्राएल मैं कोईये मैं भी ऐसो बिस्वास नाय देखो। 11 8:11 लूका 13:29मैं तुमकै बिस्वास दिबाथौं कि निरे आदमी अगार और पछार से आंगे और स्वर्ग के राज्य मैं दावत मैं अब्राहम, इसहाक और याकूब के संग बैठंगे। 12 8:12 मत्ती 22:13; 25:30; लूका 13:28लेकिन जो आदमिन कै राज्य मैं होनो चहाईये उनकै अंधियारे मैं फेंक दौ जागो, जितै बे रोंगे और अपने दाँतन कै पीसंगे।" 13 तौ ईसु सेनापति से कही, "जा, बैसो ही तेरे ताहीं होबै जैसो तेरो बिस्वास है," और अधिकारी को सेवक बहे समय ठीक हुई गौ।