2 हूँना कुछ आदमी फालिस के मारे भै कै, खटिया मैं लाद कै बाके झोने लाईं। फिर ईसु बाको बिस्वास देखकै, बौ फालिस के मारे भै से कही खुसी मना, "मेरे लौड़ा! तेरे पाप माफ हुई गै।"
3 तौ कुछ नियम के यहूदि नियम के सिक्छक आपस मैं कहीं, "जौ इंसान तौ परमेस्वर की बुराई करथै!"
4 ईसु उनके मन की बात जानकै कही, "तुम काहे अपने मन मैं बुरो सोच रै हौ? 5 जौ कहनो सरल है, ‘कि तेरे पाप माफ करे गै हैं,’ या जौ कहनो, ‘उठ और नेंग?’ 6 तौ तुमकै मालुम हुई जाबै, कि इंसान के लौड़ा कै पाप माफ करन के ताहीं पृथ्वी मैं अधिकार है।" तभई बौ फालिस के मारे भौ आदमी से कही, "उठ, अपनी खटिया उठा, और घरै चले जा!"
7 आदमी उठकै घरै चलो गौ।