ईसु को दुई अंधरन कै चंगो करनो
27 जब ईसु हूँना से अग्गु बढ़ो, और जब बौ चलो, तौ दुई अंधरा बाके पच्छू जौ चिल्लात भै पीछा करन लगे, "ओ दाऊद के लौड़ा!" हमरे ऊपर दया कर।
28 जब ईसु घरै पुगो, तौ बे अंधरा बाके झोने आए, और बौ उनसे पूँछी, "का तुम बिस्वास करथौ कि मैं तुमकै अच्छो कर सकथौं?" बे जबाब दईं "हाँ प्रभु!"
29 तौ ईसु उनकी आँखी छुइ कै कही, "जैसो तुम बिस्वास करथौ बैसिये तुमरे ताहीं होबै!" 30 और उनकी आँखी की नजर खुल गईं ईसु उनकै चितौनी देत भै कही, "चौकन्नो रहियो कोई जौ बात कै नाय जान पाबै!"
31 पर बे निकरकै पूरे देस मैं चारौ तरफ ईसु के सुसमाचार को ढिंढोरा पीट दईं।