15 और अगर भेजे ना जामैं, तौ कैसे प्रचार करैं? जैसे कि सास्त्र कहथै, "उनकी टाँग कैसी सुहानी हैं, जो अच्छी बातन को सुसमाचार सुनाथैं।"
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15 और अगर भेजे ना जामैं, तौ कैसे प्रचार करैं? जैसे कि सास्त्र कहथै, "उनकी टाँग कैसी सुहानी हैं, जो अच्छी बातन को सुसमाचार सुनाथैं।"