एक दुसरे के ताहीं कर्तव्य
8 आपस के प्यार कै छोड़ और कोई सी बात मैं कोई के कर्जदार मत हुइयो; काहैकि जो दूसरेन से प्यार करथै, बहे नियम कै मानी है।
8 आपस के प्यार कै छोड़ और कोई सी बात मैं कोई के कर्जदार मत हुइयो; काहैकि जो दूसरेन से प्यार करथै, बहे नियम कै मानी है।