15 7:15 उत्पत्ति 5:17मोकै समझ मैं नाय आए रौ है कि मैं का करौं; काहैकि मैं बौ ना करथौं जो मोकै करनो चाहिए, लेकिन जाके बजाय मैं बहे करथौं जोसे मैं नफरत करथौं। 16 काहैकि मैं जो कहथौं, बहे करथौं, जासे पता लगथै कि मैं मानथौं कि नियम ठीक है। 17 तौ ऐसे हालत मैं बाकै करन बारो मैं नाय, बल्किन बौ पाप है जो मेरे भीतर है। 18 मैं जानथौं, कि मेरे सरीर के भीतर कोई अच्छी चीज नाय बास करथै, मन तौ मेरो होथै, भलेई अच्छो करन की इच्छा मेरे मैं है, लेकिन भले काम मोसे होतै ना हैं। 19 काहैकि जो अच्छो काम करन को मेरो मन होथै, बौ तौ मैं करतै नाय हौं, लेकिन जो खराब काम के ताहीं मन नाय करथै, बहे काम करथौं। 20 अगर मैं बे काम करथौं जोको मेरो मन नाय करथै, जाको मतलब बे काम कै करन बारो मैं नाय रहौं, लेकिन पाप जो मेरे भीतर है बहे जे काम करथै।
21 तौ मोकै जो नियम मिलथै कि जब मैं भले काम करन की सोचथौं: जब मैं बौ करनो चाहथौं जो अच्छो है, तौ बुराई मेरे झोने आथै। 22 काहैकि मैं अपने अंदर की इंसानियत से तौ परमेस्वर के नियम से भौतै खुस रहथौं। 23 लेकिन मोकै मेरे सरीर के हिस्सन मैं कुछ अलगै जैसो नियम दिखाई देथैं, जो मेरे अकल के नियम से लड़थैं और मोकै पाप के नियम के भँदना मैं डरात रहथैं जो मेरे सरीर के हिस्सन मैं हैं। 24 मैं कैसो दुखी आदमी हौं! जौ सरीर से मोकै कौन छुड़ाबैगो जो मोकै मौत के घाट उतार रहो है?
25 हमरे प्रभु ईसु मसीह के जरिये, परमेस्वर को धन्यवाद होबै! जौ फिर मेरी स्थिति है: अपने दम पर मैं अपने मन से सिरफ परमेस्वर के नियम की सेवा करथौ, जबकी मेरो इंसान को स्वभाव पाप के नियम को काम करथै।