28 और हमउँ जानथैं, कि जो आदमी परमेस्वर से प्यार करथैं, उनके ताहीं सबै बात मिलकै भलाइये पैदा करथैं; मतलब उन्हईं के ताहीं जो बाकी इच्छा से बुलाए भै हैं। 29 काहैकि जिनकै बौ पहलिये से जान लई है उनकै पहलिये से ठहराए भी दई है कि बाके लौड़ै हानी होमैं जोसे बौ निरे भईय्यनौ मैं पहलोठो होबै। 30 फिरौंकी जिनकै बौ पहलिये से ठहराए दई है, उनकै मस्काई भी, और जिनकै मस्काइयो, उनकै धर्मी ठहराई, और जिनकै धर्मी ठहराई, उनकै महिमा भी दई है।
मसीह मैं परमेस्वर को प्यार
31 तौ जे बातन के बारे मैं का कहमैं? अगर परमेस्वर हमरे घाँईं है, तौ हमरो बिरोधी कौन हुई सकथै? 32 जो अपने खुदै के बालक कै नाय छोड़ी, लेकिन बौ ईसु कै हम सबन कै ताहीं सौंप दई, तौ बाके संग हमकै और सबै कछु काहे नाय देगो? 33 परमेस्वर के चुने भै के ऊपर कौन दोस लगाए पागो? परमेस्वर बौ है जो उनकै धर्मी बनानबारो है! 34 फिर कौन है जो सजा की आग्या देगो? ईसु मसीह बौ है जो मर गौ बल्किन मरे भौ मैं से जिंदो भी हुई गौ, और परमेस्वर के दहने है, और हमरे ताहीं बिन्तिओ करथै! 35 कौन है जो हमकै मसीह के प्यार से अलग कर सकथै? का कलेस, या मुसीबत, या संकट, या अकाल, या कंगाली, या उपद्दर, या जोखिम, या तलवार या मौत? 36 जैसे कि सास्त्र मैं लिखो है,
"तुमरे खातिर हमैं हर समय मौत को खतरा है;
हमरे संग मरन बारी भेंड़-बकरियन के जैसे बर्ताव करो जाएरौ है।"
37 नाय! इन सब चीजन मैं हमैं बाके जरिया से पूरी जीत मिली है जो हमसे प्यार करी है! 38 काहैकि मोकै पक्को बिस्वास है, कि ना तौ मौत ना जिंदगी, ना स्वर्गदूत, ना हुई प्रधानताऐं, ना समय जो चल रहो है, ना आनबारो समय, ना सामर्थ्य, ना ऊँचो, 39 ना गहरो और ना सृस्टि, हमकै परमेस्वर के प्यार से, जो हमरे प्रभु ईसु मसीह मैं है, अलग कर पागो।