सुननो और करनो
19 हे मेरे प्रिय भईय्यौ! जौ बात तुम जानलेबौ, हर एक आदमी सुनन के ताहीं तैयार, बोलन मैं और गुस्सा मैं धीमो होबै। 20 इंसान के गुस्सा से बौ धार्मिकता की जिंदगी जो परमेस्वर चाहथै बौ दिखाई ना दै सकथै। 21 इसलै हर गंदी आदत और सब दुस्ट व्यवहार से छुटकारा पाएकै परमेस्वर कै सौंपौ और बौ बचन कै स्वीकार करौ जो बौ तुमरे मन मैं रोपथै, जो तुमकै बचान मैं काबिल है।