6 लेकिन जब तुम प्रार्थना करथौ, तौ तुमकै बिस्वास करनो चाहिए, और कछु संका ना करनो चाहिए। जो कोई भी संका करथै बौ समुंदर कि लहर के हानी होथै जो ब्यार के जरिये चलथै और उड़ाइ जाथै। 7 अगर तुम ऐसे हौ तौ तुम ऐसो मत समझौ, कि मोकै प्रभु से कछु मिलैगो। 8 ऐसे लोग, अपने मन कै बनान मैं असमर्थ्य हैं, और अपनी सब बातन मैं चंचल हैं।