मुक़द्दस ज़िंदगी गुज़ारना
13 चुनाँचे ज़हनी तौर पर कमरबस्ता हो जाएँ। होशमंदी से अपनी पूरी उम्मीद उस फ़ज़ल पर रखें जो आपको ईसा मसीह के ज़ुहूर पर बख़्शा जाएगा। 14 आप अल्लाह के ताबेफ़रमान फ़रज़ंद हैं, इसलिए उन बुरी ख़ाहिशात को अपनी ज़िंदगी में जगह न दें जो आप जाहिल होते वक़्त रखते थे। वरना वह आपकी ज़िंदगी को अपने साँचे में ढाल लेंगी। 15 इसके बजाए अल्लाह की मानिंद बनें जिसने आपको बुलाया है। जिस तरह वह क़ुद्दूस है उसी तरह आप भी हर वक़्त मुक़द्दस ज़िंदगी गुज़ारें। 16 क्योंकि कलामे-मुक़द्दस में लिखा है, "अपने आपको मख़सूसो-मुक़द्दस रखो क्योंकि मैं मुक़द्दस हूँ।"